December 1, 2021

उपसर्ग किसे कहते हैं? भेद और उदाहरण (Upsarg Kise Kahate Hain)

उपसर्ग किसे कहते हैं? भेद और उदाहरण, इस लेख में जानिए। कितने प्रकार के उपसर्ग होते हैं? उपसर्ग की परिभाषा (Upsarg kise kahate hain?) और उपसर्ग से जुड़े जितने भी प्रश्न आपके मन में हैं हम इस पोस्ट में आपको बताएँगे।

इस पेज में-

  1. उपसर्ग की परिभाषा है। or Upsarg Kise Kahate Hain
  2. उपसर्ग की विशेषताएँ।
  3. उपसर्ग के भेद।
  4. उपसर्ग के उदाहरण। Upsarg  Examples

हिंदी व्याकरण में उपसर्ग शब्द रचना के अंतर्गत आता है जिसमे, संधि, प्रत्यय (Pratyay), समास व उपसर्ग (upsarg) आते हैं।

उपसर्ग (Upsarg in hindi) किसे कहते हैं? भेद और उदाहरण

Read Upsarg in Hindi is you are a students and want to know Hindi grammar or Hindi Vyakaran.

उपसर्ग की परिभाषा

‘‘उपसर्ग वह शब्दांश या अव्यय है, जो किसी शब्द के आरम्भ में जुडकर उसके अर्थ में (मूल शब्द के अर्थ में) विशेषता लं दे या उसका अर्थ ही बदल दे।’’

उपसर्ग” दो शब्दों का मिलाप है “उप” तथा “सर्ग“।

‘उप’ का अर्थ है – समीप या निकट
और ‘सर्ग’ का- सृष्टि करना

जैसे-

अभि  +  मान  = अभिमान
प्र + चार = प्रचार आदि।

उपसर्ग की तीन गतियाँ या विशेषताएँ होती हैं-

1- शब्द के अर्थ में नई विशेषता लाना।

जैसे- प्र + बल = प्रबल
अनु + शासन = अनुशासन

2- शब्द के अर्थ को उलट देना।

जैसे- अ +  सत्य = असत्य
अप +  यश = अपयश

3- शब्द के अर्थ में, कोई खास परिवर्तन न करके मूलार्थ के इर्द-गिर्द अर्थ प्रदान करना

जैसे- वि + शुद्ध = विशुद्ध
परि +  भ्रमण = परिभ्रमण

उपसर्ग शब्द-निर्माण में बड़ा ही सहायक होता है। एक ही मूल शब्द विभिन्न उपसर्गों के योग से विभिन्न अर्थ प्रकट करता है।

जैसे- 
आ + हार = आहार : भोजन
सम् + हार = संहार : नोश
वि + हार = विहार  : मनोरंजनार्थ यत्र-तत्र घूमना
परि + हार = परिहार : अनादर, तिरस्कार
उप + हार = उपहार : सौगात
उत् + हार = उद्धार  : मोक्ष, मुक्ति

हिंदी भाषा में तीन प्रकार के उपसर्गों का प्रयोग होता है-

  1. संस्कृत के उपसर्ग : कुल 22 उपसर्ग
  2. हिंदी के अपने उपसर्ग : कुल 10 उपसर्ग
  3. विदेशज उपसर्ग : कुल 12 उपसर्ग

ये उपसर्ग जहाँ कही भी किसी संज्ञा विशेषण से जुड़ते हैं, वहाँ कोई-न-कोई समास अवश्य रहता है | यह सोचना भ्र्म है कि उपसर्ग का योग समास से स्वतंत्र रूप में नये शब्द के निर्माण का साधन है | हाँ, समास के कारण भी कतिपय जगहों पर शब्द-निर्माण होता है |

अव्ययीभाव समास

आ + जीवन = आजीवन
प्रति + दिन  = प्रतिदिन
सम + मुख = सम्मुख
अभि + मुख = अभिमुख
अधि + गृह = अधिगृह
उप + गृह = उपगृह

तत्पुरुष समास

प्र + आचार्य = प्राचार्य
प्र + ज्ञ = प्रज्ञ
अति + इन्द्रिय = अतीन्द्रिय

बहुव्रीहि समास

प्र + बल = प्रबल  : प्रकृष्ट है बल जिसमे
निर + बल = निर्बल  : नहीं है बल जिसमे
उत + मुख = उन्मुख  : ऊपर है मुख जिसका
वि + मुख = विमुख  : विपरीत है मुख जिसका
प्रमुख उपसर्ग, अर्थ एवं उनसे बने शब्द

संस्कृत के उपसर्ग
अर्थ नवीन शब्द
प्र अधिक, उत्कर्ष, गति, यश, उत्पत्ति, आगे प्रबल, प्रताप, प्रक्रिया, प्रलाप, प्रयत्न, प्रलोभन, प्रदर्शन, प्रदान, प्रकोप
परा उल्टा, पीछे, अनादर, नाश पराजय, पराभव, पराक्रम, परामर्श, पराकाष्ठा
अप लघुता, हीनता, दूर, ले जाना अपमान, अपयश, अपकार, अपहरण, अपसरण, अपादान, अपादान, अपराध, अपकर्ष
सम अच्छा, पूर्ण, साथ संगम, संवाद, संतोष, संस्कार, समालोचना, संयुक्त, अनुशासन, अनुवाद, अनुभव, अनुराग, अनुशीलन, अनुकरण
अव अनादर हीनता, पतन, विशेषता अवकाश, अवनत, अवतार, अवमान, अवसर, अवधि
निस रहित, पूरा, विपरीत निस्तार, इस्सार, निस्तेज, निष्कृति, निश्चय, निष्पन्न
निर बिना, बाहर, निषेध निरपराध, निरजन, निराकार, निर्वाह, निर्गम, निर्णय, निर्मम, निर्यात, निर्देश
दुस बुरा, कठिन दुश्शासन, दुष्कर, दुस्साहस, दुस्तर, दुःसह
दुर कठिनता, दुष्टता, निंदा, हीनता दुर्जन, दुराचार, दुर्लभ, दुर्दिन
वि भिन्नता, हीनता, असमानता, विशेषता, वियोग, विवरण, विमान, विज्ञान, विदेश, विहार
नि निषेध, निश्चित, अधिकता निवारण, निपात, नियोग, निवास, निगम, निदान
तक, समेत, उल्टा आकण्ठ, आगमन, आरोहण, आकार, आहार, आदेश
अति अत्यधिक अतिशय, अत्याचार, अतिपात, अतिरिक्त, अतिक्रमण,
अधि ऊपर, श्रेष्ट, समीपता, उपरिभाव, अधिकार, अधिपति, अध्यात्म, अधिगत, अध्ययन, अधीक्षक, अध्यवसाय
सु उत्तमता, सुगमता, श्रेष्ठता सुगम, सूजन, सुकाल, सुलभ, सुपच, सुरम्य
उत ऊँचा, श्रेष्ठ, ऊपर उत्कर्ष, उदय, उत्पति, उत्कृष्ट, उत्पात, उदधार
अभि सामने, पास, अच्छा, चारो और अभिमुख, अभ्यागत, अभिप्राय, अभिकरण, अभिधान, अभिनव,
परि आस-पास, सब तरफ, पूर्णता परिक्रमा, परिजन, परिणाम, परिमाण, परिश्रम, परित्यक्त
उप निकट, सदृश, गौण, सहायता, लघुता उपवन, उपकूल, उपकार, उपहार, उपार्जन, उपेक्षा, उपादान, उपपत्ति,
प्रति विशेषार्थ में प्रतिकार, प्रतिज्ञा, प्रतिष्ठा, प्रतिदान, प्रतिभा, प्रतिमा

हिंदी के उपसर्ग 

अ/अन अभाव, निषेध अछूता, अचेत, अनमोल, अनपढ़, अनगढ़,अपढ़
क/कु बुराई, नीचता कुचाल, कुठौर, कपूत
अध आधा अधपका, अधमरा, अधकचरा
औ/अव हीनता, अनादर, निषेध अवगुण, औघट, ओढ़र
नि निषेध, अभाव निडर, निकम्मा, निहत्था, निठुर
भर पूरा भरपेट, भरपूर, भरसक
सु/स उत्तमता, साथ सुडौल, सुजान, सपूत
उन एक कम उनचास, उनतीस, उनासी
दु कम, ,बुरा दुबला
बिन अभाव, बिना विनदेखा, बिनबोला

विदेशज उपसर्ग अरबी-फ़ारसी के उपसर्ग 

कम अल्प, हीन कमजोर, कमसिन
खुश उत्तमता खुशबू, खुशहाल, खुशखबरी
गैर निषेध, रहित गैरहाजिर, गैरकानूनी
दर अन्दर, में दरअसल, दरहक़ीक़त, दरकार
ना अभाव, रहित नालायक, नाजायज, पापसंद
अनुसार बनाम, बदौलत
बद हीनता बदतमीज, बदबू
बर पर बरवक्त, बरखास्त
बा से बाकायदा, बाकलम
बिला बिना बिलाअक्ल , बिलारोक
बे अभाव बेईमान, बेवकूफ, बेहोश
ला अभाव, बिना लाजवाब, लावारिस, लापरवाह
सर श्रेष्ठ सरताज, सरपंच, सरनाम
हम साथ हमदर्द, हमसफर, हमउम्र, हमराज
हर प्रत्येक हररोज, हरघडी, हरदफा

उपसर्गवत अव्यय, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण 

अभाव, निषेध अधर्म, अज्ञान, अनीति,
अन अभाव/निषेध अनर्थ, अनंत
अन्तर भीतर अंतर्नाद, अंतरराष्ट्रीय
का/कु बुरा कापुरुष, कुपुत्र
चिर बहुत चिरकाल, चिरंजीव
अभाव नगण्य, नपुंसक
पुनर फिर पुनर्निर्माण, पुनरागमन
पूरा पहले पुरातन, पुरातत्व
बहिर/ बाहार बहिष्कार, बहिर्द्वार
बहिस
सहित सपरिवार, सदेह, सचेत
सत अच्छा सत्पात्र, सदाचार
सह साथ सहकारी, सहोदर
अलम शोभा, बेकार अलंकार
आविस प्रकट/बाहर होना आविष्कार, आविर्भाव
तिरस तिरछा, टेढ़ा, अदृश्य तिरस्कार, तिरोभाव
पुरस सामने पुरस्कार
प्रादुर प्रकट होना, सामने आना प्रादुर्भाव, प्रादुर्भूत
साक्षात् साक्षात्कार

दो उपसर्गों से निर्मित शब्द 

निर + आ + कारण निराकरण
अ + सु + रक्षित असुरक्षित
प्रति + उप + कार प्रत्युपकार
सम + आ + लोचना समालोचना
सु + सम + कृत सुसंस्कृत
सु + सम + गठित सुसंगठित
अन + आ + हार अनाहार
अ + नि + यंत्रित अनियंत्रित
सम + आ + चार समाचार
अति + आ + चार अत्याचार
अन + आ + सक्ति अनासक्ति
अ + प्रति + अक्ष अप्रत्यक्ष
  1. हिंदी व्याकरण
  2. संधि एवं संधि विच्छेद
  3. अलंकार और उसके प्रकार
  4. विलोम शब्द
  5. पर्यायवाची शब्द
  6. मुहावरे तथा लोकोक्तियाँ
  7. हिंदी मात्राएँ
  8. हिंदी वर्णमाला
  9. समास upsarg

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