October 2, 2022

वाच्य की परिभाषा, भेद, उदाहरण, वाच्य का अर्थ

वाच्य की परिभाषा, भेद, उदाहरण, वाच्य का अर्थ: क्या आप वाच्य सीखना चाहते हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए बिलकुल ठीक है| इस पोस्ट को अंत तक पढ़ें और वाच्य में एकदम परफेक्ट हो जाएँ| शायद आप यह जानते होंगे की बहुत सी परीक्षाओं में वाच्य से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें अभ्यार्थी कई बार जवाब नहीं दे पाता, क्योंकि उन्होंने वाच्य का ठीक से अभ्यास नहीं किया होता| तो आएं अपने नंबर कटने से बचाएँ और वाच्य सम्बंधित सभी जानकारियां जैसे वाच्य की परिभाषा, प्रकार, और उदाहरण के द्वारा इस टॉपिक में महारथ हासिल करें|

वाच्य की परिभाषा, भेद, उदाहरण, वाच्य का अर्थ

वाच्य क्या है?

क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि उसका मुख्य विषय क्या है- कर्ता, कर्म या भाव। अर्थात क्रिया के जिस रूप से उसके कर्ता, कर्म या भाव के अनुसार होने का बोध होता है, उसे ‘वाच्य’ कहते हैं।

नीचे लिखे वाक्यों पर गौर करें-

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कर्ता अकर्मक क्रिया कर्ता अकर्मक क्रिया
पुलिंग एकवचन पुल्लिंग एकवचन स्त्रीलिंग एकवचन स्त्रीलिंग एकवचन
अन्य पुरुष अन्य पुरुष अन्य पुरुष अन्य पुरुष
प्रखर किताब पढ़ता है। अंशु किताब पढ़ती है।
कर्ता कर्म सकर्मक क्रिया कर्ता कर्म सकर्मक क्रिया
स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग
एकवचन एकवचन एकवचन एकवचन एकवचन एकवचन
अन्य पुरुष अन्य पुरुष अन्य पुरुष अन्य पुरुष अन्य पुरुष अन्य पुरुष
लड़के पौधे लगा रहे हैं। लड़कियाँ पौधे लगा रही हैं।
कर्ता कर्म सकर्मक क्रिया कर्ता कर्म सकर्मक क्रिया
पुल्लिंग पुल्लिंग पुल्लिंग स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग स्त्रीलिंग
बहुवचन बहुवचन बहुवचन बहुवचन बहुवचन
अन्य पुरुष अन्य पुरुष अन्य पुरुष अन्य पुरुष अन्य पुरूष
दीनू रोटियाँ खाता है दीपिका भात खाती हैं
कर्ता कर्म सकर्मक क्रिया कर्ता कर्म सकर्मक क्रिया
पुल्लिंग स्त्रीलिंग पुल्लिंग स्त्रीलिंग पुल्लिंग स्त्रीलिंग
एकवचन बहुवचन एकवचन एकवचन एकवचन एकवचन
अन्य पुरुष अन्य पुरुष अन्य पुरुष अन्य पुरुष अन्य पुरुष अन्य पुरुष

विश्लेषण

उपर्युक्त सभी उदाहरणों में यही देखा जा रहा है कि क्रिया कर्ता के अनुसार अपना रूप बदल रही हैं; कर्म का उसपर कोई असर नहीं पड़ रहा है, चाहे वह पु. हो या स्त्री; एकवचन हो या बहुवचन। साथ ही यह भी देखा जा रहा कि इस तरह के वाक्यों में अकर्मक एवं सकर्मक दोनों प्रकार की क्रियाओं का प्रयोग होता है।

अब निम्नलिखित उदाहरणों को देखें:

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अमीना बेगम में चावल पकाया है।
कर्ता कर्म सकर्मक क्रिया
एकवचन स्त्रीलिंग पुलिंग एकवचन पुल्लिंग एकवचन
अन्य पुरुष अन्य पुरुष अन्य पुरुष
बिस्मिल्ला खाँ ने शहनाई बजायी
कर्ता कर्म सकर्मक क्रिया
पुलिंग एकवचन अन्य पुरुष अन्य पुरुष

व्याख्या

उपर्युक्त दोनों वाक्यों में हम देखते हैं कि क्रिया का प्रयोग क्रमानुसार होते हुए भी कर्ता को ही विषय बनाया गया है यानी कर्ता के बारे में ही कहा गया है न कि कर्म के बारे में, भले ही क्रिया का रूप कर्म के अनुसार हुआ है।

नोट:

कुछ वैयाकरण भ्रमवश इस तरह के वाक्यों को कर्मवाच्य का मान बैठते हैं। यहाँ मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि क्रिया का वह रूप जिससे ये पता चले कि वह कर्ता, कर्म या भाव का अनुगमन करता है, ‘प्रयोग’ कहलाता है। प्रयोग तीन प्रकार के होते हैं-

कर्तरि प्रयोग कर्ता की अनुगामिनी क्रिया
कर्मणि प्रयोग कर्म की अनुगामिनी क्रिया
भावे प्रयोग क्रिया भाव की अनुगामिनी अर्थात् स्वतंत्र प्रयोग

इस दृष्टि से उक्त दोनों उदाहरणों में क्रिया प्रयोग दिखाया गया है न कि वाच्य प्रयोग। हम कुछ अन्य उदाहरणों पर विचार करते हैं-

7. अमीना बेगम के द्वारा चावल पकाया गया है
कर्ता कर्म सकर्मक क्रिया
स्त्रीलिंग एकवचन पुल्लिंग एकवचन पुल्लिंग एकवचन
अन्य पुरुष अन्य पुरुष अन्य पुरुष

व्याख्या

क्रिया कर्म के अनुसार प्रयुक्त हुई है यानी कर्म के लिंग, वचन और पुरूष का प्रभाव क्रिया पर पड़ा है और कर्म को ही विषय भी बनाया गया है।

अमीना बेगम से चला नहीं जाता।
स्त्रीलिंग एकवचन पुल्लिंग क्रिया
अन्य पुरुष अन्य पुरुष
अमीना बेगम ने अपने पुत्रों को पुकारा
कर्ता कर्म सकर्मक क्रिया
स्त्रीलिंग एकवचन पुल्लिंग बहुवचन पुल्लिंग एकवचन
अन्य पुरुष अन्य पुरुष अन्य पुरुष

व्याख्या

उपर्युक्त दोनों वाक्यों की क्रियाएँ स्वतंत्र हैं और भाव की प्रधानता है यानी भाव को ही मुख्य विषय बनाया गया है। इस प्रकार वाच्य के तीन रूप हैं-

कर्तृवाच्य जिसमें कर्ता प्रधान हो, कर्म (यदि रहे तो) गौण और क्रिया कर्ता के लिंग से प्रभावित हो। इस वाच्य में अकर्मक एवं सकर्मक दोनों प्रकार की क्रियाओं का प्रयोग होता है। प्रथम छः वाक्य कर्तृवाच्य (Active Voice) के हुए।
कर्मवाच्य इसमें कर्म प्रधान होता है, कर्ता गौण और क्रिया कर्म के लिंग-वचन और पुरूष से प्रभावित होती हैं कर्मवाच्य (Passive Voice) में कर्म को ही विषय बनाया जाता है। उदाहरण नं. 7 में हम यही पाते हैं। कर्मवाच्य में केवल सकर्मक क्रियाओं का ही प्रयोग होता है।
भाववाच्य जिस वाक्य की क्रिया का संबंध कर्ता और कर्म से न होकर भाव से होता है, ‘भाववाच्य’ (Impersonal Voice) कहलाता है। इस वाच्य में भाव की ही प्रधानता होती है। इस कारण से क्रिया स्वतंत्र रहती है। स्वतंत्र रहने के कारण क्रिया अन्य पुँ., पुँ 0 और एकवचन में रहती है।

भाववाच्य की क्रिया सामान्यतया अकर्मक होती है; किन्तु यदि कर्ता और कर्म दोनों अपने चिन्हों से युक्त रहें तो वैसी स्थिति में स्वभावतः सकर्मक क्रिया भी रहती है; लेकिन क्रिया उन दोनों (कर्ता और कर्म) से अप्रभावित रहती है। उदाहरण नं. (8) और (9) भाववाच्य के अंतर्गत आएँगे।

वाच्य-परिवर्तन

1. कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य (Active to Passive)

कर्तृवाच्य से कर्मवाच्य में रूपान्तरण के लिए हमें निम्नलिखित कार्य करने चाहिए-

कर्ता कारण में करण कारक के चिह्न ‘से’/द्वारा’ का प्रयोग करना चाहिए।
कर्म को चिन्ह-रहित करना चाहिए।
क्रिया को कर्म के लिंग-वचन-पुरुष के अनुसार रखना चाहिए अर्थात् कर्म प्रधान बनाना चाहिए।
कर्तृवाच्य कर्मवाच्य
1. सचिन मैच खेलने चेन्नई जाएँगे। सचिन के द्वारा खेलने चेन्नई जाया जाएगा।
2. राकेश पुस्तक पढ़ रहा है। राकेश के द्वारा पुस्तक पढ़ जा रही है।
3. मित्र विपत्ति में मदद करते हैं। मित्रों के द्वारा विपत्ति में मदद की जाती है।
4. रमेश पत्र लिखता है। रमेश के द्वारा पत्र लिखा जाता है।
5. फैक्टरी बंद कर दी। फैक्टरी बंद करा दी गई।
6. बुढ़िया खाना नहीं खा सकती। बुढ़िया के द्वारा खाना नहीं खाया जाता हैं
7. भारतवासी महात्मा गांधी को नहीं भूल सकते हैं। भारतवासियों के द्वारा महात्मा गांधी नहीं भुलाए जा सकते।
8. सोहन सिनेमा नहीं देखता। सोहन के द्वारा सिनेमा नहीं देखा जाता।
9. शीला पत्र लिख रही है। शीला द्वारा पत्र लिखा जा रहा है।
10. हम स्वामी दयानन्द को नहीं भूल सकते। हमारे द्वारा स्वामी दयानंद को भुलाया नहीं जा सकता
11. बच्चे शोर मचाएंगे। बच्चों के द्वारा शोर मचाया जाएगा।
12. माला ने खाना खाया। माला के द्वारा खाना खाया गया।
13. रीमा चित्र बनाती है। रीमा के द्वारा चित्र बनाया जाता है।
14. नौकर घर की सफाई करता है। नौकर के द्वारा घर की सफाई की जाती है।
15. तुम अखबार पढ़ते हो। तुम्हारे द्वारा अखबार पढ़ा जाता है।
16. वाणी कहानी सुनाती है। वाणी के द्वारा कहानी सुनाई जाती है।
17. मैंने प्रेमचन्द का उपन्यास ‘कर्मभूमि’ पढ़ा मेरे द्वारा प्रेमचंद का उपन्यास ‘कर्मभूमि’ पढ़ा गया।
18. रहमान पतंग उड़ा रहा है। रहमान के द्वारा पतंग उड़ाई जा रही हैं।
19. आप गाना गाइए। आपके द्वारा गाना गाया जाय।
20. हामिद पतंग उड़ा रहा है। हामिद के द्वारा पतंग उड़ाई जा रही है।
21. सुरेश नाटक खेलता है। सुरेश द्वारा नाटक खेला जाता है।
22. सरकार ने घोषणा की। सरकार के द्वारा घोषणा की गई।
23. राम ने घोषणा की। राम के द्वारा लंका का राज्य विभीषण को दे दिया गया।
24. मुझपर भारी दबाव पड़ रहा था। मुझपर भारी दबाव डाला जा रहा था।
25. राज्यों को अनुदान दिया। राज्यों को अनुदान दिया गया।
26. पेड़ कट गए हैं। पेड़ काट दिए गए हैं।
27. पक्षी आकाश में उड़ते हैं। पक्षियों के द्वारा आकाश में उड़ा जाता है।

2. कर्मवाच्य से कर्तृवाच्य (Passive to Active)

कर्मवाच्य से कर्तृवाक्य में परिवर्तन के लिए निम्न बातों पर ध्यान देना चाहिए-

कर्ता के अपने चिह्न (0, ने) आवश्यकतानुसार लगाना चाहिए।
यदि वाक्य की क्रिया वर्तमान एवं भविष्यत् की है तो कर्तानुसार क्रिया की रूप रचना रखनी चाहिए।
भूतकाल की सकर्मक क्रिया रहने पर कर्म के लिंग, वचन के अनुसार क्रिया को रखना चाहिए।
नोट: मूल रूप से कर्ता को ही विषय बनाना चाहिए।

नीचे लिखे उदाहरणों को देखें और समझें:

कर्तृवाच्य कर्मवाच्य
1. गोपाल पत्र लिखता है। गोपाल से पत्र लिखा जाता है।
2. मैं अखबार नहीं पढ़ सकता। मुझसे अखबार पढ़ा नहीं जाता।
3. छात्र पत्र लिखते हैं। छात्रों द्वारा पत्र लिखे जाते हैं।
4. लड़कियाँ गीत गा रही हैं। लड़कियों द्वारा गीत गाए जा रहे हैं।
5. हसीना कल पत्र लिखेगी। हसीना द्वारा कल पत्र लिखा जाएगा।
6. सुमित ने कविता पढ़ी। सुमित द्वारा कविता पढ़ी गई।
7. भारत ने नया उपग्रह छोड़ा। भारत द्वारा नया उपग्रह छोड़ा गया।
8. मैं बोझ नहीं उठा सका। मुझसे बोझ उठाया नहीं जा सका।
9. मैं यह वजन उठा नहीं पाऊंगा। मुझसे यह वजन नहीं उठाया जाएगा।
10. मैं यह दृश्य नहीं देख सका। मुझसे यह दृश्य नहीं देखा गया।
11. मैं रामायण नहीं देख सका। रामायण मुझसे नहीं पढ़ी जा सकी
12. मैंने पत्र नहीं लिखा। मुझसे पत्र नहीं लिखा गया।
13. मजदूर पत्थर नहीं तोड़ रहे। मजदूरों से पत्थर नहीं तोड़े जा रहे।
14. कल देर तक पढ़ा। कल देर तक पढ़ा गया।
15. सविता दूध नहीं पी रही। सविता के द्वारा दूध नहीं पिया जा रहा।
16. कमला कल पत्र लिखेगी। कमला द्वारा कल-पत्र लिखा जाएगा।
17. सहवाग ने शतक लगाया। सहवाग द्वारा शतक लगाया गया।
18. तुम झूठ नहीं बोल सके। तुमसे झूठ नहीं बोला गया।
19. अध्यापक ने कहानी सुनाई अध्यापक द्वारा कहानी सुनाई गई।
20. मशीन चारा काट रही थी। मशीन से चारा काटा जा रहा था।
21. मैं पढ़ नहीं सकता। मुझसे पढ़ा नहीं जाता।
22. नानी कहानी नहीं कहती। नानी से कहानी कही नहीं जाती।
23. मैं पत्र पढ़ नहीं सकता। मुझसे पत्र नही पढ़ा जाता।
24. वे यह दृश्य देख नहीं सकते। उससे यह दृश्य देखा नहीं जाता।
25. यह छात्रा भावभीनी श्रद्धांजलि दे रही है। इस छात्रा द्वारा भावभीनी श्रद्धांजलि दी जा रही है।
26. नेहरू जी ने अपने देश के लिए समस्त सुख-सुविधाएँ त्याग दीं। नेहरू जी द्वारा अपने देश के लिए समस्त सुख-सुविधाएँ त्याग दी गईं।
27. स्वामी जी ने समाज-सुधार के लिए क्या कुछ नहीं किया। स्वामी जी द्वारा समाज-सुधार के लिए क्या कुछ नहीं किया गया।

3. कर्तृवाच्य से भाववाच्य (Active Voice to Impersonal Voice)

कर्तृवाच्य से भाववाच्य में परिवर्तन करने के लिए निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना चाहिए-

कर्ता के साथ से/द्वारा चिह्न लगाकर उसे गौण किया जाता है।
मुख्य क्रिया को सामान्य क्रिया एवं अन्य पुरुष पुल्लिंग एकवचन में स्वतंत्र रूप में रखा जाता है।नोट: हिन्दी में प्रायः निषेधवाचक भाववाच्यों का ही प्रचलन है।
भाववाच्य में प्रायः अकर्मक क्रियाओं का ही प्रयोग होता है।

नीचे लिखे उदाहरणों को देखें और समझें-

कर्तृवाच्य भाववाच्य
1. गरमियों में लोग खूब नहाते हैं गरमियों में लोगों से खूब नहाया जाता है।
2. पक्षी रात में सोते हैं। पक्षियों से रात में सोया जाता है।
3. उमेश हँसा। उमेश से हँसा गया।
4. हमलोग रोज नहाते हैं। हमलोगों से रोज नहाया जाता है।
5. मैं गा नहीं सकता। मुझसे गाया नहीं जाता।
6. मैं घर में बैठ नहीं सकता। मुझसे घर में बैठा नहीं जाता।
7. वह तख्त पर सोता है। उससे तख्त पर सोया जाता है।
8. हम आज रात को यहीं ठहरेंगे। आज रात हमसे यहीं ठहरा जाएगा।
9. मैं चुप नहीं बैठ सकता। मुझसे चुप नहीं बैठा जा सकता।
10. सलोनी नहीं हँसती। सलोनी से हँसा नहीं जाता।
11. सौम्या सुबह को उठ नहीं सकी। सौभ्या से सुबह को उठा नहीं जा सका।
12. बच्चे शांत नहीं रह सकते। बच्चों से शांत नहीं रहा जाता।
13. मैं नहीं चल सकता। मुझसे चला नहीं जाता।
14. हम नहीं हँस सकते। हमसे हँसा नहीं जाता।
15. वे गा नहीं सकते। उनसे गाया नहीं जाता।
16. वाणी कहानी सुनाती है। वाणी के द्वारा कहानी सुनाई जाती है।
17. सीता नहीं लिखती। सीता से लिखा नहीं जाता।
18. मैं अब और चल नहीं सकता। मुझसे अब और चला नहीं जाता।
19. आइए, चलें। आए, चला जाय।
20. वह बेचारी रो भी नहीं सकती। उस बैचारी से रोया भी नहीं जाता।
21. चलो, अब सोते हैं। चलो, अब सोया जाय।
22. अब चलते हैं। अब चला जाय।
23. माँ बैठ नहीं सकती। माँ से बैठा नहीं जाता।
24. मैं देख नहीं सकती। मुझसे देखा नहीं जाता।
25. माँ रो भी नहीं सकती। माँ से रोया भी नहीं जाता।

वाच्य-संबंधी कुछ विशिष्ट बातें:

कर्तृवाच्य के सकारात्मक वाक्यों में इसी सामर्थ्य को सूचित करने के लिए क्रिया के साथ ‘सकना’ का प्रयोग किया जाता है। जैसे-
हम पुस्तक पढ़ सकते हैं।
वे गीत गा सकते हैं।
असमर्थता सूचक में भी ‘सकना’ का प्रयोग किया जाता है। जैसे-
वह काम नहीं कर सकता।
अंशु गाना नहीं गा सकती।
कर्मवाच्य के वाक्यों में प्रायः क्रिया में $ ‘जा’ रूप लगाया जाता है। जैसे-
किया जाता है। किया गया। किया जाएगा।
खाया जाता है। खाया गया। खाया जाएगा।
कुछ व्युत्पन्न अकर्मक क्रियाओं का प्रयोग भी देखा जाता है। जैसे-
बढ़ई पेड़ नहीं काट रहे।
बढ़ई से पेड़ काटा नहीं जाता।
बढ़ई से पेड़ कट नहीं रहा।
अकर्तृवाच्य (कर्मवाच्य और भाववाच्य) के वाक्यों में कहीं-कहीं कर्ता का लोप कर दिया जाता है। जैसे
पेड़ नहीं काटा जा रहा।
पेड़ नहीं कट रहा।
हिन्दी में क्रिया का एक ऐसा रूप भी है, जो कर्मवाच्य की तरह प्रयुक्त होता है। जैसे-
कुर्सी टूट गई। (‘तोड़ना’ से ‘टूटना’)
दरवाजा खुल गया। (‘खोलना’ से ‘खुलना’)
क्रिया के अचानक तथा स्वतः होने की स्थिति मे कर्मवाच्य का प्रयोग होता है। जैसे-
बस पलट गई और कई यात्री मारे गए।
कई लाशें बहा दी गईं।
कार्यालयी भाषा प्रायः कर्मवाच्य में देखी जाती है। जैसे-
आप पर क्यों नहीं अनुशासनात्मक कार्यवाई की जाए ?
आपको इस साल का बोनस दिया जाता है।
आपको सूचित किया जाता है।
अधिकार, अभिमान और अहंभाव प्रकट करने के लिए कर्मवाच्य की क्रिया का प्रयोग होता है। जैसे-
नर्तकियों को नचाया जाय।
कर्मचारियों से सफाई कराई जाए।
सूचना, विज्ञप्ति आदि में जहाँ कर्ता निश्चित हो वहाँ कर्मवाच्य की क्रिया देखी जाती है। जैसे-
बैरियर के गिरे रहने पर रेलवे लाईन को पार करनेवालों को सजा दी जाएगी।
कन्या-भू्रण हत्या करनेवालों को जेल दी जाए।
भाववाच्य में जब ‘नहीं’ का प्रयोग न हो तो मूल कर्ता जन सामान्य होता है। जैसे-
गर्मियों के छत पर सोया जाता है।
अनुमति या आदेश प्राप्त करने की स्थिति में भाववाच्य की क्रिया का प्रयोग होता है। जैसे-
अब यहाँ से चला जाय।
यात्रा पर निकला जाय।

भाववाच्य की क्रिया सदा पु. एकव. अन्य पुरूष में ही रहती है, उसपर कर्ता के लिंग वचन-पुरूष का कोई असर नहीं पड़ता।

विभिन्न परीक्षा में पूछे गए वाच्य संबंधी प्रश्न (हल सहित) निर्देशानुसार वाच्य परिवर्तन कीजिए-

1. राकेश पुस्तक पढ़ रहा है। (कर्मवाच्य) उत्तर: राकेश के द्वारा पुस्तक पढ़ी जा रही है।
2. मुझसे बोझ उठाया नहीं जा सकता। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: मैं बोझ उठाया सकता।
3. मैं चुप नहीं बैठ सकता। (भाववाच्य में) उत्तर: मुझसे चुपचाप नहीं बैठा जा सकता।
4. नौकर घर की सफाई करता है। (कर्मवाच्य में) उत्तर: नौकर के द्वारा घर की सफाई की जाती है।
5. सलोनी नहीं हँसती। (भाववाच्य में) उत्तर: सलोनी से हँसा नहीं जाता।
6. भारत द्वारा नया उपग्रह छोड़ गया। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: भारत ने नया उपग्रह छोड़ा।
7. मैंने पे्रमचंद का उपन्यास ‘कर्मभूमि’ पढ़ा। (कर्मवाच्य में) उत्तर: मैंने प्रेमचंद का उपन्यास ‘कर्मभूमि’ पढ़ा गया।
8. रामायण मुझसे नहीं पढ़ी जा सकी। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: मैं रामायण नहीं पढ़ सका।
9. मैं गा नहीं सकता। (भाववाच्य में) उत्तर: मुझसे गाया नहीं जा सकता।
10. वाणी कहानी सुनाती है। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: वाणी के द्वारा कहानी सुनाई जाती है।
11. मुझसे हँसा नहीं नहीं जाता। (कर्तृवाच्य) उत्तर: मैं हँस नहीं सकता।
12. मैं घर में नहीं बैठ सकता। (भाववाच्य में) उत्तर: मुझसे घर में बैठा नहीं जा सकता।
13. तुम अखबार पढ़ते हो। (कर्मवाच्य में) उत्तर: तुम्हारे द्वारा अखबार पढ़ा जाता है।
14. वह तख्त पर सोता है। (भाववाच्य में) उत्तर: उससे तख्त सोया जाता है।
15. उनसे यह दृश्य नहीं देखा गया। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: वे यह दृश्य नहीं देख सके।
16. मित्र विपत्ति में मदद करते हैं। (कर्मवाच्य में) उत्तर: मित्रों द्वारा विपत्ति में मदद की जाती है।
17. तुमसे यह वजन नहीं उठाया जाएगा। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: तुम यह वजन नहीं उठा सकते।
18. हम आज रात को यहीं ठहरेंगे। (भाववाच्य में) उत्तर: हमसे रात को यहीं ठहरा जाएगा।
19. सुरेश नाटक खेलता है। (कर्मवाच्य में) उत्तर: सुरेश के द्वारा नाटक खेला जाता है।
20. वे इस दुर्दशा को नहीं देख सकते। (कर्मवाच्य में) उत्तर: उनसे यही दुर्दशा नहीं देखी जा सकती।
21. कमला द्वारा कल पत्र लिखा जाएगा। (कर्तृवाच्य में) उत्तर : कमला कल पत्र लिखेगी |
22. आप गाना गाइए। (भाववाच्य में) उत्तर: आपके द्वारा गाना गाया जाए।
23. मजदूरों से पत्थर नहीं तोड़े जा रहे। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: मजदूर पत्थर नहीं तोड़ रहे।
24. उमेश हँसा। (भाववाच्य में) उत्तर: उमेश से हँसा गया।
25. हमलोग रोज नहाते हैं। (भाववाच्य में) उत्तर: हमलोगों से रोज नहाया जाता है।
26. रहमान पतंग उड़ा रहा है। (कर्मवाच्य में) उत्तर: रहमान के द्वारा पतंग उड़ाई जा रही है।
27. मुझसे पत्र नहीं लिखा गया। (कर्मवाच्य में) उत्तर: मैं पत्र नहीं लिख सका।
28. रमेश पत्र लिखता है। (कर्मवाच्य में) उत्तर: रमेश के द्वारा पत्र लिखा जाता है।
29. बच्चा तैरता हैं (कर्मवाच्य में) उत्तर: बच्चे के द्वारा तैरा जाता है।
30. मुझसे पत्र नहीं पढ़ा जाता। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: मैं पत्र नहीं पढ़ सकता।
31. निक्की ने खाना खाया। (कर्मवाच्य में) उत्तर: निक्की के द्वारा खाना खाया गया।
32. नानी से कहानी नहीं कही जाती। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: नानी कहानी नहीं कही जाती।
33. जाड़ों में गर्म पानी से नहाते हैं। (भाववाच्य में) उत्तर: जाड़ों में गर्म पानी से नहाया जाता है।
34. मैं पढ़ नहीं सकता। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: मेरे द्वारा पढ़ा नहीं जाता।
35. उसने भोजन कर लिया है। (कर्मवाच्य में) उत्तर: उसके द्वारा भोजन हीं किया जाता।
36. मुझसे सहा नहीं जाता। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: मैं सह नहीं सकता।
37. पक्षी आकाश में उड़ते हैं। (कर्मवाच्य में) उत्तर: पक्षियों द्वारा आकाश में उड़ा जाता है।
38. मुझसे पढ़ा नहीं जाता। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: मैं पढ़ नहीं सकता।
39. पेड़ कट गए हैं (कर्मवाच्य में) उत्तर: पेड़ काट दिए गए हैं।
40. आइए, चलें। (भाववाच्य में) उत्तर: आओ, चला जाए।
41. संसद में बजट पेश किया गया। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: संसद में बजट पेश हुआ।
42. फैक्टरी बंद कर दी। (कर्मवाच्य में) उत्तर: फैक्टरी बंद करा दी गई।
43. रोगी से रात भर सोया न गया। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: रोगी रातभर सो न सका।
44. गर्मियों में छत पर सोते हैं। (भाववाच्य में) उत्तर: गर्मियों में छत पर सोया जाता है।
45. राज्यों को अनुदान दिया। (कर्मवाच्य में) उत्तर: राज्यों को अनुदान दिया गया।
46. मशीन से चारा काटा जा रहा था। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: मशीन चारा काट रही थी।
47. क्या अब टहलने चला जाए। उत्तर: क्या अब टहलने चला जाए।
48. मुझ पर भारी दबाव पड़ रहा था। (कर्मवाच्य में) उत्तर: मुझ पर भारी दबाव डाला जा रहा था।
49. बुढ़िया खाना नहीं खा सकती। उत्तर: बुढ़िया के द्वारा खाना नहीं खाया जाता।
50. नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज का गठन किया गया। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने आजाद हिंद फौज का गठन किया।
51. भिखारी रात भर से नहीं सका। (भाववाच्य में) उत्तर: भिखारी से रातभर सोया न जा सका।
52. अध्यापक द्वारा कहानी सुनाई गई (कर्तृवाच्य में) उत्तर: अध्यापक ने कहानी सुनाई।
53. रोगी उठ नहीं सकता। उत्तर: रोगी से उठा नहीं जाता।
54. तुमसे झूठ नहीं बोला गया। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: तुम झूठ नहीं बोल सके।
55. सरकार ने घोषणा की। (कर्मवाच्य में) उत्तर सरकार के द्वारा घोषणा की गई।
56. रोगी उठ नहीं सकता। (भाववाच्य में) उत्तर: रोगी से उठा नहीं जा सकता।
57. घायल सैनिक चल नहीं सकता। (भाववाच्य में) उत्तर: घायल सैनिक से चला जा सकेता।
58. राम ने लंका का राज्य विभीषण को दे दिया। (कर्मवाच्य में) उत्तर: राम के द्वारा लंका का राज्य विभीषण को दे दिया गया।
59. सहवाग द्वारा शतक लगाया गया। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: सहवाग ने शतक लगाया।
60. कछुआ दोड़ नहीं सकता। (भाववाच्य में) उत्तर: कुछआ से दौड़ा नहीं जा सकता।
61. सुरेश नाटक खेलता है। (कर्मवाच्य में) उत्तर: सुरेश द्वारा नाटक खेला जाता है।
62. वे इस दुर्दशा को नहीं देख सकते। (कर्मवाच्य में) उत्तर: उनसे यह दुर्दशा नहीं देखी जा सकती।
63. कमला द्वारा कल पत्र लिखा जाएगा। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: कमला कल पत्र लिखेंगी।
64. सविता से दूध नहीं पिया जा रहा है। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: सविता दूध नहीं पी रही है।
65. मैं सुबह पान खाता हूँं। (भाववाच्य में) उत्तर: मेरे द्वारा सुबह पान खाया जाता है।
66. गरमियों में लोग खूब नहाते हैं। (भाववाच्य में) उत्तर: गरमियों में लोगों से खूब नहाया जाता हैं
67. पक्षी रात में सोते हैं। (भाववाच्य में) उत्तर: पक्षियों से रात में सोया जाता है।
68. हामिद पतंग उड़ा रहा है। (कर्मवाच्य में) उत्तर: हामिद पंतग उड़ाई जा रही है।
69. कल देर तक पढ़ा गया (कर्तृवाच्य में) उत्तर: कल देर तक पढ़ा।
70. आप गाना गाइए। (कर्मवाच्य में) उत्तर: आपके द्वारा गाना गया जाएगा।
71. मजदूरों से पत्थर नहीं तोड़े जा रहे। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: मजदूर पत्थर नहीं तोड़ रहे।
72. उमेश हँसा। (भाववाच्य में) उत्तर: उमेश से हँसा गया।
73. हम लोग रोज नहाते हैं। (भाववाच्य में) उत्तर: हम लोगों से रोज नहाया जाता है।
74. रहमान पतंग उड़ा रहा है। (कर्मवाच्य में) उत्तर: रहमान के द्वारा पतंग उड़ाई जा रही है।
75. मुझसे पत्र नहीं लिखा गया। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: मैंने पत्र नहीं लिखा।
76. मैंने प्रेमचंद का उपन्यास ‘कर्मभूमि’ पढ़ा। (कर्मवाच्य में) उत्तर: मेरे द्वारा प्रेमचंद का उपन्यास ‘कर्मभूमि’ पढ़ा गया।
77. रामायण मुझसे नहीं पढ़ी जा सकी। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: मैं रामायण नहीं पढ़ सका।
78. मैं गा नहीं सकता। (भाववाच्य में) उत्तर: मुझसे गाया नहीं जाता।
79. वाणी द्वारा कहानी सुनाई जाती है। उत्तर : वाणी द्वारा कहानी सुनाई जाती है
80. मुझसे हँसा नहीं जाता। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: मैं हँस नहीं सकता।
81. मैं घर में नहीं बैठ सकता। (भाववाच्य में) उत्तर: मुझसे घर में नहीं बैठा जाता।
82. तुम अखबार पढ़ते हो। (कर्मवाच्य में) उत्तर: तुम्हारे द्वारा अखबार पढ़ा है।
83. वह तख्त पर सोता है। (भाववाच्य में) उत्तर: उससे तख्त पर सोया जाता है।
84. उनसे यह दृश्य नहीं देखा गया। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: वे यह दृश्य नहीं देख सके।
85. मित्र विपत्ति में मदद करते हैं। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: मित्रों के द्वारा विपत्ति में मदद की जाती है।
86. तुमसे यह वजन नहीं उठाया जाएगा। (कर्मवाच्य में) उत्तर: तुम यह वजन नहीं उठा पाओगे।
87. हम आज रात को यही ठहरेंगे। (भाववाच्य में) उत्तर: आज रात हमसे यहीं ठहरा जाएगा।
88. राकेश पुस्तक पढ़ रहा है। (कर्मवाच्य में) उत्तर: राकेश द्वारा पुस्तक पढ़ी जा रही है।
89. मुझसे बोझ उठाया नहीं जा सका। (कर्तृवाच्य में) उत्तर: मैं बोझ उठाया नहीं जा सका।
90. मैं चुप नहीं बैठ सकता। (भाववाच्य में) उत्तर: मुझसे चुप नहीं बैठा जा सकता।
91. नौकर घर की सफाई करता है। (कर्मवाच्य में) उत्तर: नौकर द्वारा घर की सफाई की जाती है।
92. सलोनी नहीं हँसती। (भाववाच्य में) उत्तर: सलोनी से हँसा नहीं जाता।
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